कृष्ण की बंसी में अधिक आकर्षण था
या फिर राधा के गजब समर्पण में
अपनी छवि की जगह भी कृष्ण को
राधा नजर आती थी दर्पण में
कृष्ण सूरज है अगर तो रोशनी है राधा
जन्म लेते हैं हर युग में पूरा करने को अपना वादा
राधा और कृष्ण एक दूसरे के पूरक हैं
कृष्ण की लयबद्ध बंसी में छिप्पी राधे श्री की सूरत है
रखोगे हृदय में कृष्ण को तो, राधा भी याद आयेंगी
मनमोहक छटा इन नयनों में, दोनों की बिखर जाएगी l
- ममता ग्रोवर