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वो आज की नारी है

Mamta 94

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस युग में वो रहती है
        
                                                    
                            
जहा न द्रोपदी ना
वो सीता बनकर सब कुछ सहती है
उस पर घर से लेकर दुनिया दारी की लाखो
जिम्मेदारी है ,
वो किसी से कम नही
क्योंकि वो आज की नारी है

जो सही लगता है
बेझिजक वो करती है
वक्त आने पर अपने हक के लिए
वो शेरनी के तरह लड़ती है

ना वो अबला ,न ही वो कोई
बेचारी है,
वो तो बस आज
की नारी है
जिस पर टिकी ये दुनिया सारी है।
2 वर्ष पहले
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Shivam Awasthi

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