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आज एक दिन मैने खुद के नाम किया

Mamta 94

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज एक दिन मैने खुद के
        
                                                    
                            
नाम किया
इस एक दिन
में ज़िंदगी को एक नए सिरे से
मैने जिया।
खुद के बारे में सोचते ही
हम पता नहीं इतने क्यों चुभते है
दो कड़वे लफ्ज़ कानों में पड़ते ही
न जाने क्यों कदम
खुद ब खुद रुकते है
कल के लिए थोड़ी चिंता भी है
ये जानकर ,
की हर कोई मेरी गलती को गिनता भी है।
एक जिंदगी में से आज का दिन
खुद के नाम दिया
आज एक दिन मैने खुद के नाम किया।
एक वर्ष पहले
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