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ख्वाहिश

Mahima yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनी ख्वाहिशों को पूरा करूं,
        
                                                    
                            
या जिंदगी यूं ही जीती रहूं ||
यह सुनती रहूं इस दुनिया भर के तनों को,
या इन तानों से निखरती रहूं ||

कई दोस्त बने,कई लोग मिले,
कई आज भी है साथ इस सफर में ||
पर कुछ ने हमें भुला दिया,
पर जिंदगी यूं ही चलती रही ||

ख्वाहिशों को पाने में जिंदगी लगा दी,
पर यह जिंदगी अब है भी या नहीं ||
अपनी ख्वाहिशों को पूरा करूं,
या जिंदगी यूं ही जीती रहूं ||
3 महीने पहले
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