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क्या होगा इस धरती पुत्र का ?

mahaveer prasad sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चमक रही हैं बिजलियां नील गगन में ,
        
                                                    
                            
दिखा रही है दृश्य धरती का,
हे ! बादल अब तुम भी बरसो
वरना ! क्या होगा इस धरती पुत्र महारथी का ??
जो करता है भरण-पोषण इस दुनिया का बन सारथी सा,
हे बादल तुम हो मित्र सदा इसके साथ दो इसका निःस्वार्थ सा
सोचो बिन बरसे क्या होगा इस धरती पुत्र महारथी का...??

पंकज/महावीर शर्मा
नमुकिया , मालपुरा (टोंक)

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6 वर्ष पहले
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