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ममता की मूरत

ललित कुमार

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मां तो ममता की वो मूरत होती है,
        
                                                    
                            
जो बच्चे का पेट भरके,
खुद भूखी सोती है,

खुद रात रात भर रोती है,
लेकिन बच्चे को सुकून की गोदी में सुलाती है,

सिर्फ मां ही होती है
लाख बुराइयां हो बच्चे में,
फिर भी सीने से लगा लेती है,

मां तो वो जन्नत होती है,
जिसमें सबकी जान बसती है,

मां तो अकेले रहकर भी,
खुश रहने की दुआ देती है,

क्योंकि,
मां तो आखिर मां होती है ।
4 महीने पहले
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