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महेन्द्र सिंह धोनी

Anonymous User

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                            कैप्टन कूल
        
                                                    
                            
तुम्हें खोजेंगी
वो निगाहे
जो सिर्फ आती थी
स्टेडियम में तुम्हारे लिए
खाली रहेंगी वो कुर्सियाँ
जिसमें आशा की रौनक
छिपी रहती थी।

एक पल देख लो
तुम उन निगाहों की तरफ़
लगाओ एक हेलीकाप्टर शाॅट
तो उछल पड़ते थे क़दम
लहराता था तिरंगा
रंगीन फ़िजाओ में।

नम हो जाती थी आँखे
खुशियों की बौछार लिए
तुम याद रहोगे हमेशा
शांति के स्त्रोत के रूप में
अनुकरणीय रहोगे
नवयुवकों के लिए।
करते हैं प्रार्थना
तुम्हारे उज्वल भविष्य की
जीवा और साक्षी के साथ।
4 वर्ष पहले
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