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नया कीर्तिमान

KUWAR SINGH

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये सफलता ही नहीं, नया कीर्तिमान है,
        
                                                    
                            
तेरे माता-पिता को मिला अमूल्य सम्मान है।
ग़रीबी में जगी आत्मशक्ति,
सफलता के प्रति रही तेरी अटूट भक्ति

निकल पड़ा है तू अब नई राह पर,
जो बनी है तेरी दृढ़ चाह पर।
ठान लिया जो, तू पाकर ही रहेगा,
हर कठिनाई से लड़कर आगे बढ़ता रहेगा।

संतुलन तेरा आत्मज्ञान के साथ रहेगा,
हर कदम तेरा एक नया इतिहास कहेगा।
ये अंत नहीं है, ये तो आरंभ है,
हासिल करने की ज्वाला आज भी प्रचंड है।

मंज़िल से आगे बढ़ना ही तेरा अरमान है,
आत्मज्ञान ही अब तेरा सच्चा सम्मान है।
ये सफलता ही नहीं, नया कीर्तिमान है,
तेरे माता-पिता को मिला अमूल्य सम्मान है।।
2 महीने पहले
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