खुल कर बोलो, मगर शब्दों को तोलो
कुछ गलत कहो, इससे बेहतर तुम ना ही बोलो
ईर्ष्या ना फैलाओ, वाणी में रस घोलो
क्या तुम ये कर सकते हो? मौन क्यों हो! कुछ तो बोलो
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