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संसार से ही वैराग हो जाता है।

Kuldeep Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क जब हद से गुजर जाए,
        
                                                    
                            
वह परिवार का अंग बन जाता है।
जिसमें लुका छिपी चलती रहे,
असली इश्क वही कहलाता है।
इश्क जब एक तरफा हो जाए,
तूफान जैसा खौफनाक हो जाता है।
इश्क जब परमात्मा से हो जाए,
संसार से ही वैराग हो जाता है।
-कुलदीप शुक्ला
11 घंटे पहले
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