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जो परवरदिगार चाहते हैं

kshama Pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो परवरदिगार चाहते हैं
        
                                                    
                            

हम वही पाते हैं
जो परवरदिगार चाहते हैं
हमारी बागडोर वो
अपने हाथ से चलते हैं
उलझने आती है
जिंदा इंसानों की राहों में
वरना मुर्दे के लिए
सब रास्ता छोड़ जाते हैं
एक घंटा पहले
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