जो परवरदिगार चाहते हैं
हम वही पाते हैं
जो परवरदिगार चाहते हैं
हमारी बागडोर वो
अपने हाथ से चलते हैं
उलझने आती है
जिंदा इंसानों की राहों में
वरना मुर्दे के लिए
सब रास्ता छोड़ जाते हैं
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