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फर्क इतना है कि हम शिक्षक हैं

Krishan Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फर्क इतना है कि हम शिक्षक हैं,
        
                                                    
                            
तुम्हारी और हमारी जिंदगी में,
बस फर्क इतना है,
कि तुम महलों में रहते हो,
हमारा घर ज़रा सा है।
तुम गाड़ियों में घूमते हो,
हमारा सफर ज़रा सा है,
तुम्हें पहचानते हैं लोग,
तुम्हारे रुतबे से,
हमें सम्मान मिलता है,
हमारा काम बड़ा सा है।
तुम्हारी तिजोरियों में,
सोने-चांदी के ढेर हैं,
हमारी झोली में,
ज्ञान का भंडार गहरा सा है।
तुम दुनिया बदलते हो,
अपनी दौलत के बल पर,
हम इंसान बदलते हैं,
हमारा तरीका ज़रा सा है।
तुम कल की फिक्र में,
आज को खो देते हो,
हम बच्चों के भविष्य में,
अपना आज जीते हैं।
माना कि तुम्हारे पास,
दुनिया की हर ऐश-ओ-आराम है,
पर हमारे पास जो सुकून है,
वह सबसे जुदा सा है।
तुम्हारी और हमारी जिंदगी में,
बस फर्क इतना है,
कि तुम दुनिया के लिए जीते हो,
और हम देश के भविष्य के लिए जीते हैं,
हाँ, फर्क इतना है कि हम शिक्षक हैं।
एक महीने पहले
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