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कलाम की कलम

Komal Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बचपन गरीबी का नहीं कभी,
        
                                                    
                            
आत्मविश्वास सुला पायेगा।
खाली पेट नहीं कभी,
जिज्ञासा को मार पायेगा।
बेंच पीछे की नहीं बताती,
तू कक्षा में प्रथम ना
आ पायेगा।
पैरों की थकावट नहीं कभी,
बादल हौसलों का मिटा
पायेगा।
कठिनाइयों से नहीं कभी,
सफलता का आनंद छिन पायेगा।
 
1 सप्ताह पहले
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