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स्वर्ग

Kirti Tomar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहते हैं अच्छे कर्मों का फल स्वर्ग जाके मिलता है
        
                                                    
                            
आके देखो, मां के चरणों में कभी, पूरा जहां मिलता है

जन्म का स्थान और मृत्यु के प्रस्थान में जन्नत मिलता है
आओ कभी, मां के हाथों से बने खाने में पूरा जहां मिलता है

लौट आया मै सिर्फ तेरे लिए, तब जा के ये सूकूं मिलता है
आओ कभी, घर मेरे, मां के आंगन में पूरा बचपन मिलता है

वाक़िफ तो हूं अब भी, की पैरों में पूरा संसार मिलता है
आओ, मां के आंचल में कभी, यहां जन्नत सा एहसास मिलता है

मत भूलो वो वक़्त का साथी था, जिससे ये गुरूर मिलता है
आओ कभी, मेरे गांव में, स्वर्ग से भी सुंदर ये देश मिलता है

कहते है अच्छे कर्मो का फल स्वर्ग जाके मिलता है
आओ देखो, मां के चरणों में कभी, पूरा जहां मिलता है।

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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5 वर्ष पहले
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