नारी की पूजा करते है
पर नारी की परछाई से भी डरते है,
नारी से जन्म लेने वाले
आज नारी को धर्म से जोड़ते है
मंदिरों में जाकर नारी के सामने शीश झुकाते हो
बाहर निकलते ही उस का अपमान करते हो
वाह हे मानव तेरी ये सोच
जिसने धर्म मे भी नारी ने लिंगभेद से जोड़ा है l