विज्ञापन

आजकल के रिश्ते

Keerti Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अब हर रिश्ते से डर लगता है
        
                                                    
                            
क्योंकि पता है
या तो वो एक दिन छोड़कर चले जाएंगे
हमेशा के लिए
या फिर वो रिश्ता नहीं निभा पाएंगे
रिश्ते के नाम पर बोझ समझेंगे
साथ दे या ना दे
लेकिन दुख दर्द जरूर दे जाएंगे

डर लगने लगा है हर एक नए रिश्ते से
क्योंकि पता है
हर रिश्ता दर्द का ही दूसरा नाम है
ऐसे नहीं तो वैसे दर्द तो मिलना ही है
अगर साथ रह सकें
तो हर वक्त लड़कर झगड़कर
एक दूसरे को दर्द देकर
बोझ की तरह एक दूसरे को झेलते हैं

मजबूर बने रहते हैं
उस रिश्ते को बचाने की कोशिश में
जिस रिश्ते में रिश्ते जैसा
कभी कुछ था ही नहीं
अगर था
तो कहां चला गया
वह प्यार
जो अब नजर तक नहीं आता
कहीं खो गया है क्या
या फिर वो कभी था ही नहीं

लेकिन अगर साथ नहीं रह सके
गर प्यार दोनों तरफ से है
तो दूर रहकर
साथ रह सकने की जद्दोजहद में
दूरियों में दर्द तो मिलना ही है
समझ नहीं आता क्या सही है

ऐसे नहीं तो वैसे दर्द तो झेलना ही है
चाहे एक दूसरे को बोझ समझ कर
या एक दूसरे से दूर रहकर
चाहे एक दूसरे से परेशान होकर
या एक दूसरे से मिलने की चाहत में

समझौता करना जरूरी है क्या
प्यार करने के बाद
प्यार को ईमानदारी से
नहीं निभाना जरूरी है क्या
बोझ समझना जरूरी है क्या
लड़ना झगड़ना जरूरी है क्या
और सबसे जरूरी बात
बच्चे पैदा करना जरूरी है क्या

क्या शादी
वाकई एक जुए का खेल है
मुझे लगता है नहीं
यह एक ऐसा खेल है
जहां जितता सिर्फ भगवान है
क्योंकि इस खेल में
चित भी उसकी
और पट भी उसकी
हारता तो सिर्फ इंसान है

अक्सर लोग कहते हैं कि
एक हाथ से ताली नहीं बजती
लेकिन ऐसा नहीं है
ताली अक्सर तब भी बज जाती है
जब एक हाथ ताली न बजाना चाहे
और स्थिर रहे
फिर भी दूसरा हाथ उस पर आ गिरे
तब तो ताली बजनी ही है

इस स्थिति में
या तो पहला हाथ
सब कुछ सहन करता हुआ
दूसरे हाथ के नीचे दब जाएगा
या फिर
दूसरे हाथ को
धक्का देकर निकल जाएगा
हमेशा के लिए
दूसरे हाथ से कहीं दूर
यानी तलाक

प्यार
या तो अखबार की तरह होता है
जो नया-नया
बहुत अच्छा लगेगा
बहुत सही लगेगा
जैसे-जैसे दिन बीतेगा
अखबार की तरह
प्यार भी पुराना हो जाएगा
और शाम होते-होते
तो प्यार प्यार नहीं रहेगा
वो तो रद्दी हो जाएगा

या फिर
प्यार बुजुर्ग की तरह होता है
जो शुरू में
बहुत अच्छा और सही तो लगेगा ही
लेकिन वह कभी
पुराना या रद्दी नहीं होगा
जैसे-जैसे दिन बीतेंगे
प्यार और गहरा होता चला जाएगा
प्यार की उम्र बढ़ती जाएगी
ठीक बुजुर्ग की तरह
प्यार हमेशा जिंदा रहेगा
जब तक की सांसे चल रही है
वह कभी रद्दी नही बनेगा।
8 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10484 कविताएं

View Profile