या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।
जय माँ शैलपुत्री, जय माँ ब्रह्मचारिणी,
जय माँ चंद्रघंटा, जय माँ कुष्मांडा।
जय माँ स्कंदमाता, जय माँ कात्यायनी,
जय माँ कालरात्रि, जय माँ महागौरी।
जय माँ सिद्धिदात्री, जय जय माँ दुर्गा,
तेरे चरणों में शीश झुकाएँ, मैं तेरे दास,
तू ही मेरी शक्ति माँ, तू ही मेरी आस।
माँ, मैं चाँद हूँ तेरे छोटे से लाल,
थोड़ी कृपा मुझ पर भी कर दे माँ।
नहीं चाहिए दुनिया की धन-दौलत,
बस अपनी भक्ति का वर दे माँ।
तेरे दर पर जो आए माँ,
उद्धार उसका हो जाए माँ।
जिसके जीवन में अँधियारा हो,
तू बनकर उसकी ज्योति आए माँ।
जिसके मन में कोई पीड़ा हो,
तू उसकी हर पीड़ा हर ले माँ।
जिसके घर में सुख की कमी हो,
तू खुशियों से आँगन भर दे माँ।
भटके को राह दिखाए माँ,
निर्बल को शक्ति दे जाए माँ।
दुखियों के आँसू पोंछकर,
ममता का आँचल फैलाए माँ।
तेरी महिमा सबसे न्यारी,
तू ही जग की पालनहारी।
तेरे चरणों में जो झुक जाए,
उसकी नैया पार लग जाए।
जय माता दी, जय माता दी,
जय जय माँ जगदंबे।
तेरे दर से कोई खाली न जाए,
माँ सबकी झोली भर दे।
तेरे दर पर जो आए माँ,
उद्धार उसका हो जाए माँ।
तेरी कृपा जिस पर हो जाए,
उसका जीवन धन्य हो जाए माँ।
जय माँ दुर्गा… जय माँ भवानी,
जय जगदंबे माँ, जय शेरावाली।