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प्रेम ऊँचा या शादी

kavi Nitish

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मरने की इच्छा ले जीता कौन
        
                                                    
                            
नशा ना होता तो पीता कौन
यकीनन
विश्वास से सिमट जाती है ये दुनिया
वरना राम और सीता को जानता कौन

कहीं ना कहीं जमाने मे जरुरत है जाम की
वरना शाम को रंगीन कहता कौन
कहीं ना कहीं प्रेम ऊँचा है शादी से
वरना
श्याम रुक्मणि को छोड़ राधा को पहचानता कौन


Kavi nitesh yadav
8577021833
7617878773   


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