मरने की इच्छा ले जीता कौन
नशा ना होता तो पीता कौन
यकीनन
विश्वास से सिमट जाती है ये दुनिया
वरना राम और सीता को जानता कौन
कहीं ना कहीं जमाने मे जरुरत है जाम की
वरना शाम को रंगीन कहता कौन
कहीं ना कहीं प्रेम ऊँचा है शादी से
वरना
श्याम रुक्मणि को छोड़ राधा को पहचानता कौन
Kavi nitesh yadav
8577021833
7617878773
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