काले काले केश पाश, कूदि कूदि केकी कूके
जानि घन घोर घटा, घूमि घिरि आये हैं
अलि तव आनन को, मानि शत दल कंज
लोभी अलि आस पास, गुंजन मचाये हैं
पहने गले में हार, अद्भुत अपार रूप
निरखि अनंग आज, निज हार पाये हैं
प्रेम के अथाह पास, आके तेरे पास प्यारे
रोम रोम रति रंग, रस सरसाये हैं
अरुन अधर छबि, बिम्ब फल जानि शुक
ठोंक चंचु बार बार, करत दुलारी है
कनक बरन गात, कनक प्रभाव जानि
अद्भुत अनंग आज, भ्रम मति हारी है
सारंग नयन को जु, सच्चा शतदल जानि
सारंग ने सुध बुध, निसि दिन वारी है
प्रेम के अथाह पास, लाये मोहे निज पास
छवि की तरंग देखि, गई मति मारी है
-भानु शर्मा रंज