ये शौर्य है मेरे भारत का मुझको इसपर क्यों गर्व न हो
ये चंद्रमा तो एक मंजिल है जिसपर लेटा ये विक्रम हो
चंद्र की उत्तर मिट्टी पर लहराये गए बहुत से ध्वज
लेकिन पहला यह देश बना ,जिस देश का ध्वज दक्षिण पर हो
ये ज्ञान है भारत का, प्रज्ञान है भारत।
टूटा केवल संपर्क ही है,कोई बड़ी चुनौती नहीं है ये
विश्वास है मुझको इसरो पर संकल्प पर अपने अड़े रहो
।।जय हिंद जय भारत।।
कार्तिक रिछारिया
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