विज्ञापन

ऐरे, गैरे, नत्थू और खैरे : चेहरे बदलते हैं, किरदार नहीं

Kanny T

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऐरे, गैरे, नत्थू, खैरे,
        
                                                    
                            
ये नाम नहीं, किरदार हैं,
जहाँ मेहनत और हुनर दिखे,
वहीं इनके बाज़ार हैं।

चेहरे अलग, अंदाज़ वही,
बातों के हथियार वही,
कोई मीठा बोलकर अपना,
कोई पीठ पीछे वार वही।

ऐरा बोला, “गैरा भाई!
ये आदमी बड़ा काम करता है,
हर राह में आगे, अपना नाम करता है।
मेहनत से पहचान बनाता है,
ये मुझसे देखा नहीं जाता है!”

गैरा हँसकर बोला,
“तो इसकी राह में धूल उड़ाएँगे,
काम चाहे जितना अच्छा हो, दोष गिनाएँगे।
इसकी अच्छाई को छोटा बताएँगे,
भीड़ में इसकी छवि गिराएँगे।”

नत्थू बोला,
“सीधी टक्कर से क्या हासिल होगा?
पहले देखो, किससे अपना मतलब होगा।
जिसके हाथ में थोड़ा लाभ हो,
उसको अपना बनाने में ही हिसाब होगा।”

खैरा आँख दबाकर बोला,
“यही तो खेल पुराना है,
स्वार्थ ही अपना ठिकाना है।
जो हमारा काम कराए, उसका गुणगान,
जो सच में काम करे, उसको बदनाम!”

ऐरा बोला,
“जिसे कल तक जाना भी नहीं,
आज उसे महान बताएँगे।
दो मीठी बातें, दो छोटे लाभ,
सौ बार उसका गुणगान गाएँगे।”

गैरा बोला,
“जहाँ उसकी मेहनत रंग लाए,
वहाँ अपना झंडा गाड़ेंगे।
वो चाहे जितना काम करे,
हम उसका श्रेय बाँटकर खाएँगे।”

नत्थू बोला,
“सच और योग्यता से डरना नहीं,
बस माहौल ऐसा बनाना है।
काम करने वाला अकेला दिखे,
चमचों का झुंड साथ नज़र आना है।”

खैरा मुस्कुराकर बोला,
“जिससे लाभ मिले, उसके आगे झुक जाना,
जिससे सवाल मिले, उससे दूर हो जाना।
सिद्धांतों की बातें बस कहने का बहाना है,
आखिर अपना मतलब ही तो निभाना है!”

चारों ने मिलकर ठहाका लगाया,
“वाह रे दुनिया! क्या खूब जमाना है!
मेहनत करने वाला निशाने पर,
और फायदा देने वाला सयाना है!”

तभी भीतर से आवाज़ आई,
“तुम चालें चलते रहो,
झूठे मेले सजाते रहो।
तुम गिराने में लगे रहो,
मैं अपना काम करता रहूँगा,
तुम शोर मचाते रहो,
मैं आगे बढ़ता रहूँगा।”

चारों कुछ पल चुप रहे,
फिर ऐरा धीरे से बोला “यही तो मुश्किल है!
इसे गिराना आसान नहीं है,
क्योंकि इसकी ताकत
हमारी बातों में नहीं,
इसकी ताकत इसके काम में है।”
- करुणा ताडेपल्ली
12 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Vijay BindaasRaja

192 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12711 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10438 कविताएं

View Profile