बेटियों को
थोड़ा मुस्कुराने दो,
थोड़ा आगे बढ़ जाने दो,
थोड़ा खिल खिलाने दो,
थोड़ा जम के क़दम बढ़ाने दो,
थोड़ा ख़ुद को भी आजमाने दो,
थोड़ा नए साज़ बजाने दो,
थोड़ा नाज़ उठाने दो,
थोड़ा मन को भरमाने दो,
थोड़ा ख़ुद को सजाने दो,
थोड़ा अपने मन को भी समझाने दो,
थोड़ा सतरंगी आसमान में पंख फैलाने दो,
थोड़ा ऊंची कूद लगाने दो,
थोड़ा हंसने के बहाने दो,
पर इस थोड़े के लिए उन्हें धरती पर तो आने दो
उन्हें धरती पर तो आने दो।।