हर वर्ष समझाया जाता है,
रावण क्यों,जलाया जाता है l
अब ऐसा कुछ करना होगा,
जिससे कुकर्मी को डरना होगा l
जब भी कोई अनैतिक कर्म करें,
नारी के संग दुष्कर्म करें l
क्षमा नहीं कर पाएंगे उसको,
हम रावण के संग जलाएंगे l
यदि सच में कुछ ऐसा होगा,
तो सोचो कलयुग कैसा होगा l
हर वर्ष नया रावण होगा,
हर वर्ष यह पर्व पावन होगा l
- कंचन योगेंद्र अग्रवाल