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किसी को दिन में तकलीफें किसी की रात भारी है

Kamal pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किसी को दिन में तकलीफें किसी की रात भारी है l
        
                                                    
                            
कोई पागल उन्हें समझे, कोई कहता भिखारी है l
हैं, वो इंसान ही लेकिन है बस हालात के मारे ll2ll
किसी ने सच कहा है कि गरीबी एक बिमारी है l
2 महीने पहले
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