किसी को दिन में तकलीफें किसी की रात भारी है l
कोई पागल उन्हें समझे, कोई कहता भिखारी है l
हैं, वो इंसान ही लेकिन है बस हालात के मारे ll2ll
किसी ने सच कहा है कि गरीबी एक बिमारी है l
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X