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ज़िंदगी के हर रंग में, हर हँसी बेदाग़ रहे

kalu ram

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़िंदगी के हर रंग में, हर हँसी बेदाग़ रहे,
        
                                                    
                            
हर नई ख्वाहिश में, छुपी वो ख़ुशी बेदाग़ रहे।
जीवन के हर मीठे लम्हे में, उम्मीद की आरज़ू रहे,
कभी न टूटे वो हौसला, दिल में वो जुस्तजू रहे।
वक्त की हर गर्दिश में भी, रिश्तों का मान रहे,
सजे जो कोई महफ़िल, तो बस अपनों का नाम रहे।
कभी न छुए उदासी का साया आपके आशियाने को,
हर दुआ में शामिल, बस मुस्कुराने का पैग़ाम रहे।
-कालू राम सैनी
एक घंटा पहले
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