प्रकृति ने
प्रकोप से
प्रहार भयंकर कर दिया
बादल फटा
बारिश हुई
बाढ़ का फिर रूप लिया
पहाड़ टूटा
पत्थर गिरा
पानी बहना शुरू हुआ
सैलाब आया
सड़क डूबी
समन्दर सा सब हो गया
जलमग्न हुई
जिन्दगी कई
जीवन निश्शेष हो रहा
बहाव तेज
बचाव कठिन
बहादुर सिपाही खड़ा रहा
प्रणाम कर
प्रभु वन्दना की
प्रार्थना स्वीकार हो
अद्भुत है शिवलिंग
अभिरूप इसका
अमरनाथ अमरत्व हुआ ।।
- डॉ॰ सरिता बख्शी