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भावभीनी श्रद्धांजलि

Juhi Khanna

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने भारत रत्न को,
        
                                                    
                            
प्रणब दादा आपको,
हम दे रहे श्रद्धांजलि।
भाव अर्पित चरणों में,
हम दे रहे भावांजलि।

विभिन्न पदों की शोभा थे,
माँ भारती के लाल थे।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी,
उत्तम कोटि के विद्वान थे।
भेदभावों से परे,
सभी दिलों में विद्यमान थे।

पूर्ण ना होगी क्षति,
आपके इस स्थान की।
भाव अर्पित चरणों में,
हम दे रहे भावांजलि।

आपके राष्ट्रपति काल में,
दया याचिकाएं भी घबराती थी।
न्याय वाली वो कलम ही,
आपकी साथी थी।
निडर भाव से कर्म करती,
56 इंच वाली छाती थी।
कसाब, मेमन या अफज़ल,
मौत सम्मुख देखकर,
आतंक की रूहें भी डर जाती थीं।

अपने भारत रत्न को,
प्रणब दादा आपको,
हम दे रहे श्रद्धांजलि।
भाव अर्पित चरणों में,
हम दे रहे भावांजलि।

- जूही खन्ना कश्यप (दिल्ली)

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