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निगाहें मिलाने से क़तरा रही थी

Johnny Ahmed

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            निगाहें मिलाने से क़तरा रही थी
        
                                                    
                            
मुझे झूठी बातों में उलझा रही थी

थी बस दोस्ती उससे और कुछ नहीं था
बहुत ज़ोर देकर वो समझा रही थी

-जॉनी अहमद क़ैस
21 घंटे पहले
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