शिव पार्वती का मिलन
सदियों तक लोग रखेंगे स्मरण
ऐसा प्यार न देखा किसीने
न ऐसा कभी फिर खिलेगा चमन।
सती ने कितना जाप किया
शिव-शंभु को दिल से माना पिया।
शिव का न सती ने रंग-रूप देखा
शिव के चरणों में जीवन वार दिया।
कितनी परीक्षायें दी सती ने
तब शिव ने सती को वरदान दिया।
तप के आगे झुके शिव
सती को जीवनसंगिनी मान लिया।
गौरी के सम्मान के वास्ते
गौरी के पिता का भी शीश
शिव ने धड़ से अलग किया
घोर तपस्या का ये फल मिला
शिव -शंभु सा गौरी को वर मिला।
झिलमिल यादव
गिरिडीह (झारखण्ड)
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