विज्ञापन

प्रेम गीत

Jeetendra Ramnath

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सालों पुराना फोटो मेरे यार का,
        
                                                    
                            
मुख्य पृष्ठ सा लगता है ताजा अखबार का !

नाम रब से पहले आता है जुबाँ पर उसका,
मछली और पानी सा साथ है मेरे यार का !

महकता सा गुलशन हो मानो धड़कन मेरी,
दिल माली नजर आता है मेरे यार का !

हर रोज मांगता हूँ मन्नत खुदा से,
दिल गुलों की तरह खिलता रहे मेरे यार का !

एक पल भी नहीं गुजरता बिन उसके,
दिल आशियाना नजर आता है मेरे यार का !

बिन उसके लगता है जिंदगी में कुछ कमी हो,
मेरा मकसद नजर आता है दिल मेरे यार का !


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
7 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile