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साधारण सी कविता

Jaychand Prajapati

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साधारण सी कविता
        
                                                    
                            
भी चोंच मारती है

आपकी गलतियों पर
कीचड़ उछालती है

भले छोटी है
पर आपकी औकात को
नापती है

झूठी बातों पर
ताला लगा देती है

बड़े-बड़ों को भी
धूल चटा देती है

छोटी भले हूँ
एक दिन के लिए ही सही
खिलकर
खुशबू बिखेर देती हूँ

 
5 घंटे पहले
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Updesh Kumar

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