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एक और आत्महत्या

Jaychand Prajapati

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक युवती आत्महत्या के लिए
        
                                                    
                            
पुल से कूदना चाहती है

अंत करना चाहती है
खौफनाक दृश्य
कोई नहीं रोकना चाहता है
बेचारी को

घर के ताने सुन-सुनकर
सह ले रही थी
जब तक पति से उम्मीद थी
सब सह रही थी

जब एक दिन
पति से उम्मीद खत्म हो गयी
उसने भी तरह-तरह का लांछन लगाया

अब वह मायके भी नहीं जाना चाहती है
उनका भी बोझ नहीं बनना चाहती है

रात के अंधेरे में
अपनी मौत की गठरी लेकर
नदी में कूद गयी

कुछ ने रोका
रोकने वाले रोक रहे थे

कोई उसके घरवालों को
नहीं रोक रहा था

रुक भी जायेगी तो
कौन उसके बोझ को
कंधे का सहारा देगा
-जयचन्द प्रजापति 'जय'
 
3 घंटे पहले
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