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तुमको जाना है

jayant patel

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमने भी तुमको जाना है
        
                                                    
                            
अपना जो तुमको माना है।

इन आँखों से कर लो बातें
इसमें कैसा शरमाना है।

मरने से भी जो ना टूटे
ऐसा अपना याराना है।

इस दिल को संभालूं कैसे
ये दिल भी तो दीवाना है।

अब एक ही ख़्वाहिश है मेरी
तेरी बाहों में आना है।

है मुझको सोने की जल्दी
ख़्वाबों में तुझको पाना है।

तेरे खातिर मैं भी डरता हूँ
कैसा तेरा घबराना है।

गम हो चाहे अब कुछ भी हो
चाहत में ये मयखाना है।

सबकुछ देने वाला है वो
उसको दुनिया में लाना है।

- जयंत

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