विज्ञापन

सीखे यकीन की राह पर चलना ।

Jayalakshmi Ajith

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शक है एक जहरीला बीज,
        
                                                    
                            
जहाँ जमे वहाँ भरते खीज ।
सदा सत्य से रखता दूर,
असत्य का फैलाए भ्रम भरपूर ।

भरोसा हर मन की है नीव,
भरोसे बिन तड़पे जीव ।
शक को कभी तुम जगह न देना,
सीखे यकीन की राह पर चलना ।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all