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जय हिंद जय भारत

श्याम सिंह

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रहकर माटी हिंदुस्तान की में
        
                                                    
                            
पश्चिमी सभ्यताएं अपनाते हो
भारत कहने में हमें लाज शर्म है
इंडिया, इंडिया कह कर
गर्व से क्यों तुम फुले समाते हो ,
छोड़े हमने धर्म-कर्म अपने
वेद, पुराणों में लगा दिए अब जालें हैं
जात, पात पर हम लड़ते फिरते
वीर पुरुषों, वीरांगनाओं को हम भूल चुके
इतिहास हमने बदल दिए डाले हैं,
संस्कृत रह गई किताबों में
हिंदी अब यह लड़खड़ाई है
हेलो हाय तक सीमित
रह गए ये रिश्ते नाते
जब से यह इंग्लिश अपनाई है,
मना लो तुम चाहे
जश्न आजादी का
पर अब भी कुछ लोग भूखे सोते हैं
बेचकर तिरंगा सड़कों पर
आजाद भारत के आईने की दुहाई देते हैं ,
भूमि भारत को
मां की संज्ञा दी जाती है
आजाद वाले भारत में
अभी भी गर्भ में बालिकाएं
मार दी जाती हैं,
उद्घोष जय हिंद का
हर बार आजादी दिवस पर करते हो
छल कपट करके पुनः
फिर इस भारत को क्यों तुम लूटते हो ।।

देशभक्तों के बलिदान से स्वतंत्र हुए हैं हम ।
कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय हैं हम ।।

-श्याम सिंह बिष्ट
डोटल गाँव
उत्तराखंड
9990217616

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