उन्होंने हमसे बात क्या कर ली हम तो उड़ने लगे थे।
उन्होंने मेरा हाथ नही थामा फ़िर भी हम संभलने लगे थे।
यार मैं ही था उनकी मोह्बब्त में पागल
जो उनकी नफरत को मोहब्बत समझने लगा था
की आँखों में एक कफ़न है।
इसमें हर एक दर्द दफ़न है
प्यारे दिया जिसने धोखा
वहीं बेवफा सनम हैं।।।।।।
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