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दिल के रास्ते दिमाग की उपज

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किस क़दर सौदा हुआ था मेरे जज़्बातों का
        
                                                    
                            
मेरा हर एक अश्क गवाह है मेरे हालातों का
क़ातिल मांग रहे थे साक्ष्य हमसे बेगुनाही का
चमन को लूटकर दावा है उनका रहनुमाई का

इतिहास की कालिख मिटा नहीं सकते
हम गुज़रे हुए कल पर आंसू बहाने से
आने वाला कल को संवारने की खातिर
हमें आज लड़ना ही पड़ेगा सारे ज़माने से
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4 वर्ष पहले
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