विज्ञापन

है अगर ये वेदना कि

Ipsita Bhadauria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            है अगर ये वेदना कि , कुछ मिला कुछ ना मिला।
        
                                                    
                            
तो वेदना हर शक्स की, मेरी न एकली वेदना ।।
जो हर किसी की वेदना तो , फिर कहे की वेदना ।।
हम जानते हैं, यहां सब तो मिलता है नहीं ।
यह सत्य है संसार का , ये वेदना तो है नहीं ।।
पर फिर भी मैंने जो लिखा , वो वेदना से है लिखा ।।
मुझे वेदना यह नहीं कि, कुछ मिला कुछ ना मिला
इतनी सी है बस वेदना, मैं जान लूं मैं मान लू
कि सब तो मिलता है नहीं, यह सत्य है संसार का
सत्य शाश्वत शब्द है , यह वेदना तो है नहीं। ।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all