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हम अकेले

Ipsita Bhadauria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम अकेले हैं,लेकिन बिचारे नहीं ।
        
                                                    
                            
खुश रहने को,किसी के सहारे नहीं।
जो मिलता है , गंगा नहाकर प्रिये ,
वो मजा गंगा के , किनारे नहीं।
किसकी आशा लगाये , बैठे हो तुम
जो गिराते , वो आते उठाने नहीं। ।
6 दिन पहले
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Sanjai kumar

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