हम अकेले हैं,लेकिन बिचारे नहीं ।
खुश रहने को,किसी के सहारे नहीं।
जो मिलता है , गंगा नहाकर प्रिये ,
वो मजा गंगा के , किनारे नहीं।
किसकी आशा लगाये , बैठे हो तुम
जो गिराते , वो आते उठाने नहीं। ।
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