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बनावटी लोगो से , घिरे हुए हैं हम

Ipsita Bhadauria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सजावटी चीजो से , घर भर रहे हैं हम ,
        
                                                    
                            
फूलों को बगीचों से , अलग कर रहे हैं हम ।।
मिलावटी खाना भी, हमको हजम नही होता ,
बनावटी लोगो से , घिरे हुए हैं हम ।।
2 घंटे पहले
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Sanjai kumar

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