सजावटी चीजो से , घर भर रहे हैं हम ,
फूलों को बगीचों से , अलग कर रहे हैं हम ।।
मिलावटी खाना भी, हमको हजम नही होता ,
बनावटी लोगो से , घिरे हुए हैं हम ।।
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