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नटनागर

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गोपिन नाच नचावत है यमुना तट पै यहु नंद दुलारा।
        
                                                    
                            
बेनु बजावत भौंह उलारत भाव हियै उपजावत प्यारा।
रूप धरे नटनागर का पट पीत लसै लखि शोक विहारा।
देखत ही मन सोचत है यहु कोटिन काम लजावन हारा।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
एक महीने पहले
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