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किशन कन्हैया की

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भाद्रपद माह तिथि कृष्ण पक्ष अष्टमी को, मध्य रात्रि आगमन पाप के नसैया की।
        
                                                    
                            
कंस कारागार बंदी वसुदेव देवकी को, शुभ फल देने हेतु बंधन कटैया की।
पापियों को मारने को भक्त गण तारने को, बंशी धुन पर सारे जगत नचैया की।
विश्व शांति हेतु शांति दूत भी जो बन गए, जय जय बोलो उन किशन कन्हैया की।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
एक महीने पहले
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