विज्ञापन

पावन माह हवै शिव का मन

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पावन माह हवै शिव का मन झूमत और तरंगहि गावै।
        
                                                    
                            
शंकर शंकर हे शिव शंकर नाम रटै पल नाहिं भुलावै।
लै जल भाँग धतूरन को शिव लिंग चढ़ावन ही मन भावै।
एकहि भाव उठै मन में हर माह प्रभो यहु सावन आवै।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all