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मुस्कुराने की कोशिश की थी हमने, आँखें फिर भी भीग गई हैं अभी-अभी।              

HUKAM SINGH

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त ने करवट बदली है अभी-अभी,
        
                                                    
                            
ख़्वाबों ने आँखें मली हैं अभी-अभी।

राहों ने मोड़ बदल लिया यूँ ही,
मंज़िलें भी जैसे चली हैं अभी-अभी।

दिल ने किसी पर यकीन कर लिया,
धड़कनों ने बात कही है अभी-अभी।

चाँद से बातें करने निकले थे हम,
पर रात कुछ और हुई है अभी-अभी।

जो साथ चलने का वादा करते थे,
वो राहें भी जुदा हुई हैं अभी-अभी।

मुस्कुराने की कोशिश की थी हमने,
आँखें फिर भी भीग गई हैं अभी-अभी।
           - हुकम राजपुरोहित
5 महीने पहले
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