आओं ! हिन्दुओं का भविष्य
हम तुम्हें सुनाते है ।
इतिहास के आधार पर
हर दिल के प्रश्न का उत्तर बताते है।।
विगत चौदह सौ वर्षों में
हिन्दू बंटते और कटते आया है।
स्वतंत्र भारत में हिन्दू
षड़यंत्रों के कारण बंटते आया हैं।।
देवी - देवताओं पर
कुत्सित आरोप देखते आया है।
हिन्दू त्यौहारों पर
आक्रमण होते देखते आया है।।
धर्मनिरपेक्षता की
नीति से भ्रमित होते आया है।
एक ही देश में
दो कानूनों को सहते आया है।।
सन् 2024 में
हिन्दुओं ने कुछ परिवर्तन लाया है।
राष्ट्रवादी दल के हाथों में
भारतवर्ष का शासन दे पाया है।।
प्रश्न हैं कि क्या हिन्दू
राष्ट्रवाद की प्रासंगिकता समझ पायेगा।
अथवा भविष्य में भी
बंटने और कटने की राह अपनायेगा।।
सनातन हिन्दू धर्म ही
राष्ट्र की प्राणशक्ति है, इसे यदि समझ पायेगा।
तो धर्म के आधार पर
संगठित होकर ही भारत को बचा पायेगा।।
अब संगठित हिन्दुओं के
बल पर ही भारत का अस्तित्व रह पायेगा।
यदि असंगठित रहा तो
भविष्य में भारत का सबकुछ खो जायेगा।।
परम् सत्य है कि, हिन्दू
बहुसंख्यक है तब तक भारत रह पायेगा।
हिन्दू अल्पसंख्यक होते ही
वह भारतवर्ष का सबकुछ खो जायेगा।।
-ओ सी पटले