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मोती-प्यार का

Himanshu Kharkwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रास्ता नैनो का देखा,
        
                                                    
                            
दिल में तेरे उतर आए हैं,
प्यार का एक मोती था,
हम वो खरीद लाए हैं,

कीमत हैसियत से परे थी,
खरीदना नामुमकिन सा था,
ज़िंदगी उसे पाने को बेताब थी,
और हम उसे ही गिरवी रख आए हैं,

ताजपोशी जब होगी,
ताज बनेगा उसका वो सर पे सजेगा,
उसे पाने की ख़ातिर,
ख़ुद से लड़े हैं हम,
ख़ुद को ही जीत लाए हैं,
और,
पहले बहुत छोटी थी सीमा मेरी,
अब, लकीर दूर तक खींच आए हैं,

मालूम है वो खोएगा नहीं,
डर फिर भी चोरों का है,
आज़ाद रखा है उसे,
तिजोरी खुली छोड़ आए हैं,
देखते हैं, कौन आता है पास उसके,
हम उसकी चमक,
उसके ही हाथों में छोड़ आए हैं |


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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